पुस्तक के बारे में:
‘पीठाधीश्वर से राजनेता: योगी आदित्यनाथ (एक संन्यासी का राजधर्म और सुशासन)’ प्रख्यात लेखक डॉ. वेदप्रकाश मिश्र द्वारा रचित एक महत्वपूर्ण और विचारोत्तेजक पुस्तक है। यह पुस्तक गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर के रूप में आध्यात्मिक साधना से लेकर देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में सुशासन और विकास के नए कीर्तिमान स्थापित करने तक के सफर को गहराई से रेखांकित करती है।
प्रमुख आकर्षण:
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आध्यात्मिक से राजनीतिक यात्रा: गोरखनाथ मंदिर की समृद्ध पीठ परंपरा और योगी आदित्यनाथ के संन्यास दीक्षा से लेकर जनसेवा के संकल्प का विस्तृत विवरण।
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सुशासन और कड़ा प्रशासन: कानून-व्यवस्था, अपराधमुक्त समाज और पारदर्शी नीतियों के माध्यम से ‘नए उत्तर प्रदेश’ के निर्माण की कार्यशैली पर विश्लेषण।
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राजधर्म की मिसाल: जनकल्याणकारी योजनाएं, अंत्योदय का संकल्प और बिना किसी भेदभाव के विकास कार्यों के क्रियान्वयन की नीति।
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व्यक्तित्व के अनछुए पहलू: एक संत, कठोर प्रशासक और जननायक के रूप में उनके निर्णय लेने की क्षमता और कार्यशैली।
यह पुस्तक राजनीति, समाजशास्त्र, समकालीन इतिहास के पाठकों, शोधार्थियों और सुशासन के मॉडल को समझने के इच्छुक हर नागरिक के लिए अत्यंत उपयोगी और संग्रहणीय है।
Specifications (पुस्तक विवरण)
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पुस्तक का नाम: पीठाधीश्वर से राजनेता: योगी आदित्यनाथ (एक संन्यासी का राजधर्म और सुशासन)
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लेखक: डॉ. वेदप्रकाश मिश्र
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भाषा: हिंदी (Hindi)
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विधा: जीवनी / राजनीति / समकालीन इतिहास (Biography / Political Science)
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कवर प्रकार: पेपरबैक / हार्डबाउंड








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