News | Faridabad | 28 August 2026
कांग्रेस की शीर्ष नेता सोनिया गांधी के जीवन के अनकहे पन्नों को समेटे बहुप्रतीक्षित आत्मकथा ‘बिलोंगिंग: ए जर्नी ऑफ लव’ भारतीय बाजार में आने से पहले ही विवादों के घेरे में आ गई है। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (PRHI) और लेखिका के बीच पांडुलिपि (मैन्युस्क्रिप्ट) के कुछ संवेदनशील हिस्सों को लेकर उपजे गंभीर मतभेद के बाद प्रकाशक ने इसे भारत में छापने से पैर पीछे खींच लिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पब्लिशिंग हाउस किताब के कुछ खास अध्यायों में कांट-छांट और संशोधन का दबाव बना रहा था। सोनिया गांधी ने अपने लिखे शब्दों, मूल तथ्यों और दावों के साथ किसी भी तरह का समझौता करने या बदलाव करने से दो टूक मना कर दिया। सहमति न बनने पर पेंगुइन इंडिया ने इस प्रोजेक्ट को भारत में रद्द करने का फैसला लिया।
हालांकि, इस विवाद का असर किताब के अंतरराष्ट्रीय संस्करण पर नहीं पड़ेगा। 544 पन्नों की यह आत्मकथा 10 नवंबर 2026 को अपने पूर्व निर्धारित शेड्यूल के तहत वैश्विक स्तर पर रिलीज होगी। इधर पेंगुइन के हटने के तुरंत बाद भारतीय बाजार में इसके प्रकाशन और वितरण अधिकार हासिल करने के लिए कई बड़े प्रकाशकों के बीच होड़ शुरू हो गई है।
किताब में क्या है खास? यह आत्मकथा सोनिया गांधी के निजी और राजनीतिक सफर के कई अनछुए पहलुओं को उजागर करती है:
- शुरुआती जीवन और प्रेम: इटली में बीता बचपन और 1965 में कैंब्रिज विश्वविद्यालय में राजीव गांधी से पहली मुलाकात।
- भारतीय संस्कृति से जुड़ाव: नेहरू-गांधी परिवार में आने के बाद हिंदी सीखने से लेकर भारतीय परिवेश और साड़ी को पूरी तरह अपनाने का सफर।
- निजी त्रासदी और संघर्ष: सास इंदिरा गांधी और पति राजीव गांधी की हत्या का गहरा आघात और उससे उपजा दर्द।
- सियासत और सत्ता का त्याग: राजनीति से दूर रहने के व्यक्तिगत संकल्प के बावजूद बदली परिस्थितियों में कांग्रेस की कमान संभालना और 2004 में आम चुनाव जीतने के बाद प्रधानमंत्री पद ठुकराने का ऐतिहासिक फैसला।
— नरेंद्र त्यागी
संपादक, ‘द साइलेंट स्ट्रोक’


